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Athlete’s Blood Enhance Brainpower : खेलना, दौड़ना-भागना ना सिर्फ फिजिकल हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि इससे आपकी मानसिक सेहत यानी मेंटल हेल्थ भी दुरुस्त रहती है. जानकार बताते हैं कि एक खिलाड़ी का ब्रेन गैर खिलाड़ी के ब्रेन से ज्यादा एक्टिव होता है. अब एक नई स्टडी में संकेत मिले हैं कि किसी एथलीट (Athlete) के ब्लड किसी दूसरे व्यक्ति के ब्रेन की एक्टिविटी (Brain Activity) को बढ़ा सकता है और ये प्रोसेस अल्जाइमर्स (Alzheimer’s) या मेमोरी से जुड़ी बीमारियों (memory disorders) के इलाज में भी कारगर हो सकती है. दैनिक भास्कर अखबार ने न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से अपनी न्यूज रिपोर्ट में लिखा है, इस स्टडी में एक्सरसाइज व्हील (exercise wheel) पर कई मील दाैड़ लगाने वाले चूहाें के ब्लड काे निष्क्रिय (Inactive) चूहाें में डाल दिया. इसमें पाया गया कि निष्क्रिय चूहों (Inactive Rats) ने सीखने और मेमोरी के टेस्ट में बेहतर नतीजे दिए.

इस स्टडी में ये भी देखा गया कि एथलीट चूहे का खून इंजेक्ट किए जाने के बाद निष्क्रिय चूहे में अल्जाइमर्स (Alzheimer’s) और अन्य न्यूराेलाॅजिकल डिजीज के चलते होने वाली दिमागी सूजन कम हो गई.

क्या कहते हैं जानकार
मैसाचुसेट्स जनरल हाॅस्पिटल (Massachusetts General Hospital) में न्यूरोलॉजी के डॉ रुडाेल्फ तांजी (Rudolph E. Tanzi) का कहना है कि एक्सरसाइज के दाैरान बनने वाले प्राेटीन से ब्रेन की हेल्थ में सुधार से जुड़ी कई स्टडी हाे रही हैं. उन्हाेंने खुद 2018 में स्टडी की थी, जिसमें देखा था कि अल्जाइमर्स वाले चूहाें के ब्रेन की सेहत में एक्सरसाइज से सुधार हुआ था.

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डाॅ.रुडाेल्फ तांजी (Rudolph E. Tanzi) का कहना है कि जाे भी प्राेटीन सबसे अधिक इफैक्टिव हाे, सुरक्षित यही हाेगा कि ब्लड ट्रांसफ्यूज करने की बजाय मेडिकेशन विकसित किया जाए, जिसमें प्राेटीन के अलावा अन्य चीजें भी हाेंगी. यह देखना हाेगा कि काैन सा प्राेटीन सफल हाेगा और कैसे हम नए इलाज में उनका लाभ लेंगे. विशेषज्ञाें का कहना है कि कामयाब स्टडी वह हाेगी, जिसमें एक्सरसाइज से बनने वाले प्राेटीन काे इलाज का आधार बनाने के संबंध में नतीजे हाेंगे.

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मेमोरी में भी होता है सुधार
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजिंग (National Institute of Aging) के सीनियर साइंटिस्ट और न्यूराेलाॅजिस्ट डाॅ. माधव थंबीसेट्टी (Madhav Thambisetti) का कहना है कि खून में ट्रांसफर किए जाने लायक ऐसे तत्व हैं जाे ब्रेन पर बेनीफिशियल इफैक्ट्स (लाभकारी प्रभाव) डालते हैं और मेमोरी काे सुधारते हैं. हालांकि नेवार्क की रट्गर्स यूनिवर्सिटी (Rutgers University) के न्यूराेसाइंस के प्राे. मार्क ग्लक (Mark Gluck) का कहना है कि जरूरी नहीं कि जाे चूहे में इफैक्टिव है वह इंसानाें पर भी कारगर हाे.

Tags: Health, Health News



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