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Kleptomania: अमीर और मशहूर लोगों को किस बात की कमी होती है, वो जो चाहे वो खरीद सकते हैं. लेकिन बेशुमार दौलत होने के बाद भी कुछ लोग ‘चोरी’ करते हैं. दक्षिण भारत के एक बड़े अंग्रेजी पब्लिकेशन हाउस की 10 साल पुरानी खबर के मुताबिक पुराने जमाने की बड़ी अभिनेत्री नर्गिस और एक बड़े राष्ट्रीय अखबार की वेबसाइट के मुताबिक रेखा जैसी बड़ी सेलिब्रिटी को भी ‘चोरी करने की आदत’ थी. वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स कई इंटरनेशनल सेलिब्रिटी के भी चोरी की आदत के शिकार होने की बात कहते हैं. आपको बता दें कि यह चोरी करने की आदत दरअसल एक मनोवैज्ञानिक बीमारी है. जिसमें इंसान चाह कर भी चोरी करने की इच्छा पर काबू नहीं कर पाता है. इस बीमारी को ‘क्लेप्टोमेनिया’ नाम दिया गया है.

Kleptomania: क्या है क्लेप्टोमेनिया?
2011 में NCBI पर प्रकाशित एक केस रिपोर्ट में क्लेप्टोमेनिया को परिभाषित किया गया है. रिपोर्ट में क्लेप्टोमेनिया को इंपल्स कंट्रोल डिसऑर्डर (impulse control disorder) बताया गया है, जिसमें व्यक्ति चोरी करने की इच्छा पर काबू नहीं कर पाता है. रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले शोधकर्ता Farid Ramzi Talih के मुताबिक, क्लेप्टोमेनिया शब्द को फ्रेंच साइकायट्रिस्ट Esquirol और  Marc ने 19वीं शताब्दी में दिया था. इस मनोवैज्ञानिक बीमारी में मरीज बार-बार चोरी करता है और सामान्य रूप में यह शॉपलिफ्टिंग यानी दुकान से सामान उठाने के रूप में देखी जाती है. रिपोर्ट बताती है कि आमतौर पर इस चोरी में शामिल चीजों की मूल्य बहुत कम होती है और मरीज को इसकी जरूरत भी नहीं होती. Farid Ramzi Talih के मुताबिक, अधिकतर मरीज इस बीमारी को छिपाकर रखते हैं और यह अमूमन किसी कानूनी कार्रवाई में सामने आती है.

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Kleptomania Symptoms: क्लेप्टोमेनिया के लक्षण
मायोक्लिनिक के मुताबिक क्लेप्टोमेनिया के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं. जैसे-

  • गैर-जरूरी चीजों को चोरी करने की बहुत तीव्र और मजबूत इच्छा को नियंत्रित ना कर पाना
  • ऐसी भावना महसूस करना, जो तनावग्रस्त, चिंतित या उत्तेजित करके चोरी करने पर विवश करे
  • चोरी करने पर आनंद, राहत या संतुष्टि महसूस करना
  • हर चोरी के बाद गिरफ्तारी का डर, शर्म, पश्चाताप, अपराधबोध आदि की तीव्र भावना महसूस करना
  • चोरी करने की बार-बार इच्छा करना

क्लेप्टोमेनिया के मरीज की पहचान
मायोक्लिनिक कहता है कि क्लेप्टोमेनिया के मरीज की निम्निलिखित खासियत की मदद से पहचान की जा सकती है. जैसे-

  • अपराधियों से इतर क्लेप्टोमेनिया के मरीज किसी पर्सनल फायदे या बदले के लिए चोरी नहीं करते हैं. ये बस अपनी तीव्र इच्छा के आगे विवश होकर चोरी करते हैं.
  • क्लेप्टोमेनिया वाली चोरी प्लानिंग या किसी साथी के बिना की जाती है.
  • क्लेप्टोमेनिया के अधिकतर मामले दुकान, पार्टी, मार्केट जैसी सार्वजनिक जगहों पर चोरी के होते हैं.
  • क्लेप्टोमेनिया के कारण चोरी की गई चीजों की मूल्य बहुत कम होती है और पीड़ित आसानी से इसे खरीदने योग्य होता है. आदि

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‘चोरी करने की आदत’ के कारण

  • दिमाग में सेरोटोनिन हॉर्मोन का उत्पादन कम होना
  • एडिक्टिव डिसऑर्डर, जिसमें चोरी करने पर डोपामाइन हॉर्मोन का उत्पादन बढ़ता है.
  • दिमाग में तीव्र इच्छा को कंट्रोल करने वाले opioid सिस्टम में असंतुलन, आदि

क्लेप्टोमेनिया का इलाज – Kleptomania Treatment
आमतौर पर क्लेप्टोमेनिया की समस्या अपने आप ठीक नहीं होती है. इसके लिए आपको किसी प्रोफेशनल की मदद लेनी पड़ती है. लेकिन, सबसे पहले मरीज को यह मानना होगा कि उसे चोरी करने की आदत है और वह इसे बताने के लिए तैयार है. इसके बाद चिकित्सक एंटी-डिप्रेसेंट व एंटी-एडिक्शन दवाओं का सेवन, कोवर्ट सेंसिटाइजेसन, एवर्शन थेरेपी जैसी साइकोथेरेपी की मदद लेने का सुझाव दे सकता है.

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.



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