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Teaching Kindness in a New Generation : कोरोना महामारी के समय में घर में ही रहकर पढ़ाई करने का बच्चों के सामाजिक विकास (Social Development) पर बड़ा असर पड़ा है. ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चों को सामाजिक होने का मौका नहीं मिला है. वे लंबे समय से अपने स्कूल और दोस्तों से दूर हैं. ऐसे में पेरेंट्स के सामने बड़ा सवाल है कि आखिर बच्चों को पॉजिटिव कैसे रखा जाए? न्यूयॉर्क टाइम्स (New york Times) में प्रकाशित न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय तक घर में रहने के चलते बच्चों में दयाभाव की कमी बड़ी चिंता है.

इस रिपोर्ट में फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी (Florida Atlantic University) में प्रो ट्रेसी बैक्सले (Traci Baxley) कहती हैं कि त्योहारों व छुटि्टयों में हम बच्चों को दूसरों को देने के सुखद अहसास के साथ समझा सकते हैं कि किसी की मदद करना क्यों जरूरी है? उनका कहना है कि बच्चों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए बचपन से कोशिश करते रहना चाहिए. अच्छे कामों में मदद और गाइडेंस देकर बच्चों की झिझक दूर करें, उनकी सराहना जरूर करें. इस रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने नई पीढ़ी में दयाभाव पैदा करने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं. आप भी जानिए…

खाना-खिलौने शेयर करना सिखाएं
अपनी किताब ‘सोशल जस्टिस पैरेंटिंग (Social Justice Parenting)’ में डॉ. बैक्सले (Traci Baxley) बताती हैं कि 2 से 3 साल के बच्चे को किसी दुखी फ्रेंड के साथ अपना खाना या कोई खिलौना शेयर करने के लिए प्रेरित करें. शुरुआत से ही जब वो इस तरह के अनुभवों से गुजरेंगे,  तो बड़े होने पर उनमें मदद करने की भावना ज्यादा प्रबल होगी. वे कहती हैं कि बच्चों में कोओपेरेटिव बिहेवियर (Cooperative Behaviour) को बढ़ावा दें. उन्हें बिना फायदा सोचे दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित करें.

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अच्छे काम से सेहत को फायदा
टोरंटो यूनिवर्सिटी (University of Toronto) में सोशलॉजिस्ट (sociologist) एंड्रयू माइल्स (Andrew Miles) कहते हैं, अगर बच्चों को दी जा रही चीज महंगी है तो बच्चों को देने में ज्यादा खुशी मिलती है. माइल्स की स्टडी बताती है कि अच्छा काम करने से अवसाद और चिंता (Depression and Anxiety) से लड़ने में मदद मिलती है. यानी सेहत को भी फायदा होता है.

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बच्चों से उनके अनुभव पूछें
इस रिपोर्ट में लिखा है कि बच्चों में दया भावना तो होती है पर वे व्यक्त नहीं कर पाते. उन्हें ऐसा करने के लिए थोड़ी सी मदद और गाइडेंस की जरूरत होती है. ताकि जब भी वो कोई अच्छा काम करें, तो उनसे उनका एक्सपीरियंस जरूर पूछें. उस वक्त उनकी आंखों में दो चमक दिखेगी, उसे महसूस करें. उनकी तारीफ करें ताकि वे इस बेहतरीन अनुभूति का फायदा भविष्य में ऐसे और काम करने में उठा सकें.

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