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Sonam Kapoor is suffered from polycystic ovary syndrome (PCOS): प्रेम रत्न धन पायो, नीरजा, दिल्ली 6, खूबसूरत, रांझणा, संजू, डौली की डोली, जैसी हिट फिल्मों में अपनी एक्टिंग से सबको प्रभावित करने वाली सोनम कपूर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं. पिछले साल ही उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए अपनी बीमारी के बारे में खुलासा किया था. उन्होंने बताया था कि वह कई सालों से एक बीमारी से गुजर रही हैं. इस बीमारी का नाम पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) है. यह उन्हें 14-15 साल की उम्र से ही है. सोनम कपूर ने जिस बीमारी का सामना किया वह महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है. 

(Symptoms and treatment of polycystic ovary syndrome) आपको जानकर हैरानी होगी कि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिला बांझपन के सबसे आम कारणों में से एक है. अगर समय रहते इसको कंट्रोल नहीं किया गया तो परेशानी बढ़ सकती है. इस खबर में हम आपके लिए पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के बारे में जानकारी दे रहे हैं, कि आखिर इससे कैसे बचा जाए….

क्या है पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम  (What is Polycystic Ovary Syndrome) 
हेल्थलाइन की खबर के अनुसार, पीसीओएस महिलाओं को होने वाली एक आम समस्या है, लेकिन इसके बावजूद इससे ज्यादातर महिलाएं अनजान रहती हैं. पीसीओएस का पूरा नाम पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome) है, जो महिला के असंतुलित हॉर्मोन की वजह से होती है. यह बीमारी मुख्य रूप से मासिक धर्म के अनियमित होने पर भी हो सकती है, जिसकी वजह से महिला को गर्भधारण करने में मुश्किल होती है.

क्या हैं पीसीओएस के लक्षण?

पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में पुरुष हार्मोन के स्तर बढ़ने की वजह से इसका असर उनके व्यवहार में भी नजर आने लगता है और वे पहले से ज्यादा चिडचिडी और गुस्सैल हो जाती हैं. इसके अलावा ठीक से नींद ना आना भी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का एक लक्षण है. ऐसे में सोकर उठने के बाद भी आप थका हुआ महसूस करती हैं.

 

पीसीओएस होने महिलाओं की सेहत पर क्या असर होता है?
हेल्थलाइन
की खबर के अनुसार, जो भी लड़की या फिर महिला PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से पीड़ित होती है, उसे ओवरी के आसपास सिस्ट उग जाती है, जो पीरियड्स को बहुत बुरी तरह प्रभावित करती है. वजन बढ़ने से लेकर अनियमित पीरियड्स तक, PCOS होने पर जीवन वाकई मुश्किल हो जाता है.  हालांकि, पीसीओएस का इलाज संभव है, लेकिन यदि काफी समय तक इसका इलाज न किया जाए तो गंभीर रूप ले सकती है. 

क्यों होती है PCOS की समस्या? 
हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस इस बीमारी की मुख्य वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि लाइफ में तेजी से बढ़ा स्ट्रेस, बदला हुआ लाइफस्टाइल, लेट नाइट तक जागना और फिर दिन में देर तक सोना, स्मोकिंग और ड्रिकिंग में महिलाओं का बढ़ता शौक आदि पीसीओडी के मुख्य कारण हो सकते हैं. 

पीसीओएस में होने वाली सबसे बड़ी समस्या क्या है?
हेल्थलाइन की खबर के अनुसार, PCOS की वजह से महिलाओं में होने वाली वाली मुख्य समस्या इनफर्टिलिटी होती है. इसके अलावा कई बार मिसकैरिएज और प्रीमैच्योर बर्थ जैसी गंभीर दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर, स्ट्रोक, दिल संबंधी बीमारी, गर्भाशय का कैंसर जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं.

PCOS होने से होते हैं ये नुकसान (Disadvantages of PCOS)

  1. PCOS में महिलाओं के शरीर में सामान्य की तुलना में बहुत अधिक हार्मोन्स बनते हैं. 
  2. हार्मोन में इस असंतुलन की वजह से एक ओवुलेशन होता है, जिसकी वजह से पीरियड्स नियमित नहीं रहते हैं. 
  3. आगे चलकर इससे प्रेग्नेंसी में भी समस्या आ जाती है. 20 से 30 साल की उम्र में ये समस्या ज्यादा पाई जाती है. 
  4. PCOS का ओवरी पर बुरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से महिलाओं के प्रजनन अंग प्रभावित होते हैं. 
  5. प्रजनन अंग ही शरीर में एस्‍ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरोन हार्मोन बनाता है जो पीरियड्स को संतुलित रखता है.

PCOS को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय (Home remedies to control PCOS)

  • एक सही सही डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद लेकर आप इस समस्सा से बच सकते हैं. 
  • सूर्य नमस्कार एकमात्र ऐसा आसन है, जिसे करने से पूरा शरीर फिट हो जाता है और अंदरूनी अंग बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं.
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में वजन तेजी से बढ़ता है. इसलिए आप मेथी का सेवन करें. मेथी शरीर में ग्लूकोज के चयापचय को बढ़ावा देती है और इंसुलिन को बढ़ने से रोकती है. मेथी के बीजों को रात को पानी में भिगो दें तथा खाली पेट एक चम्मच भीगे हुए बीजों को शहद के साथ लें. आपको फायदा मिलेगा.
  • आयुर्वेदिक चिकित्सा में परंपरागत रूप से कई बीमारियों के इलाज में अश्वगंधा का उपयोग किया जाता है. यह शरीर के हार्मोन को बैलेंस करके PCOS को कंट्रोल करने में मदद करता है. 
  • तेज मिर्च मसाले वाले, तला हुआ, अधिक चिकनाई वाला खाना नहीं खाना चाहिए. 
  • आप फल, बीन्स, बादाम, अखरोट आदि नट्स, हरी सब्जी, चोकर युक्त आटा आदि फाइबर वाला खाना खाएं.

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यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.



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