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Health symptoms that should not be ignored: भागदौड़ भरी जिंदगी ने हमारे लाइफस्टाइल को बुरी तरह से प्रभावित किया है. हम इतने तरह के कामों में मशगूल रहते हैं, कि हमें पता ही नहीं रहता कि हमारे शरीर को देखभाल की जरूरत है. इसका नतीजा यह होता है कि हम अपने ही शरीर की बीमारियों से अनजान हो जाते हैं. टीओआई की खबर के अनुसार कुछ अध्ययनों में इस बात का जिक्र किया गया है कि मर्द अक्सर अपने हेल्थ प्रोब्लम को छुपाते हैं. उन्हें लगता है कि वह ऊपर से फिट हैं, तो उन्हें हेल्थ की कोई दिक्कत नहीं है. वे डॉक्टर के पास जाने से भी कतराते हैं. लेकिन अगर आप हेल्दी फिल कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप अंदर से भी हेल्दी होंगे. अंदरुनी हेल्थ को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. पुरुषों में होने वाले कुछ संकेत खतरनाक हो सकते हैं. ऐसे में इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

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यूरिन पास करने में दिक्कत
पेशाब करने में जलन, पेशाब का रंग बदलना, पेशाब से खून आना, बार-बार पेशाब होना, ये सब पुरुषों की हेल्थ के लिए खतरनाक संकेत हैं. अगर पेशाब से खून आए, तो इसका मतलब है कि कुछ इंफेक्शन हो गया है या प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं. अगर बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है, तो यह यूरेनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ब्लैडर इंफेक्शन, डायबिटीज, किडनी या हार्ट प्रोबल्म की ओर इशारा कर रहा है.
छाती में दर्द
अगर छाती में असामान्य दर्द है, तो यह दिल से संबंधित कई बीमारियों को जन्म का कारण बन सकता है. सांस लेने में तकलीफ, शोल्डर में दर्द, बहुत ज्यादा पसीना आना, असामान्य रूप से सीने में दर्द होना, थोड़ा काम करने पर थक जाना, ये सब दिल की बीमारी के संकेत हैं. इस स्थिति में कार्डिएक अरेस्ट भी हो सकता है. इसका उम्र से कोई मतलब नहीं है. युवा उम्र में भी यह परेशानी हो सकती है. जैसे ही ये संकेत दिखे, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. ड्रिंकिंग और स्मोकिंग की आदत को भी तुरंत छोड़ देनी चाहिए.

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जननांगों के आस-पास असामान्य तिल या गांठ का दिखना
कई बार जननांगों (genitals) की तरफ हम ध्यान नहीं देते. जननांगों के आस-पास तिल के रंग में परिवर्तन गंभीर बीमारी के संकेत हैं. इसके अलावा कोई गांठ बन जाए तो यह किसी इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं. इसलिए हमें अपने रिप्रोडक्टिव अंगों की देखभाल करनी बहुत जरूरी है. तिल या गांठ के रंग में परिवर्तन कैंसर हो सकता है. इसलिए रोजाना हमें अपने प्रजनन अंगों के आस-पास इस तरह के परिवर्तन पर ध्यान देना चाहिए. अध्ययन के मुताबिक टेस्टीकुलर कैंसर युवा उम्र से ही लोगों में होने लगा है. शरीर के अन्य हिस्सों में भी यदि स्किन के रंग में परिवर्तन दिखे, तो भी यह कैंसर के संकेत हो सकते हैं.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन
इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile dysfunction) यानी संबंध बनाने से पहले ही प्रजनन अंगों का शिथिल हो जाना पुरुषों में होने वाली बीमारी है. अधिकांश मामलों में 50 के बाद पुरुषों में यह समस्या आती है, लेकिन युवा भी इससे अछूते नहीं हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन कई और बीमारियों के पूर्व संकेत हो सकते हैं. इरेक्टाइल डिसफंक्शन न सिर्फ सेक्शुअल परफॉर्मेंस पर असर डालता है बल्कि कई अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है. अगर इरेक्टाइल डिसफंक्शन की गंभीर समस्या है, तो यह किडनी फेल्योर, डायबिटीज, न्यूरोलॉजिकल डिर्सोर्डर का कारण बन सकता है.

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