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Hot Water Bathing Side effects: नहाने के दौरान कई लोग जहां ठंडा पानी (Cold Water) यूज करते हैं, तो वहीं बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो बारह महीने गर्म पानी से नहाना ही पसंद करते हैं. आमतौर पर गर्म पानी से नहाने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी से नहाकर दिन की शुरुआत करना काफी मुश्किलभरा होता है. अगर आप भी उनमें से हैं तो गर्म पानी से नहाने की अपनी आदत को जल्द ही बदल दीजिए. हाल ही में हुई स्टडी में सामने आया है कि ठंडे पानी से नहाने वाले लोगों (Cold Water Bathing) में गर्म पानी से नहाने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा प्रतिरोधक क्षमता होती है. स्टडी में ये भी बताया गया है कि ठंडे पानी से नहाने वाले लोग अपेक्षाकृत कम बीमार पड़ते हैं. कहते हैं कि ठंडे पानी से नहाने से शारीरिक और मानसिक लाभ भी होते हैं.

ब्रिटेन की हर्टफोर्डशायर यूनिवर्सिटी में रीडर इन एक्सरजाइज एंड हेल्थ साइकोलॉजी की लिंडे बॉटम्स हैटफील्ड कहती हैं कि नीदरलैंड में की गई एक स्टडी में पाया गया कि ठंडे पानी से नहाने वाले लोगों ने गर्म पानी से नहाने वाले लोगों की तुलना में बीमारी के चलते कम छुट्टियां लीं. यह स्टडी तीन हजार लोगों पर की गई. सभी को चार समूहों में बांटा गया था. एक समूह को जहां हर रोज गर्म पानी से नहाने के लिए कहा गया, वहीं दूसरे समूह को 30 सेकंड के लिए ठंडे पानी से नहाने के लिए कहा गया. तीसरे समूह को 60 सेकंड और चौथे समूह को 90 सेकंड के लिए ठंडे पानी से नहाने को कहा गया. सभी से एक महीने तक ऐसा करने को कहा गया.

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स्टडी में ये पाया गया कि जिस समूह ने ठंडे पानी से नहाया था, उनके बीमारी की वजह से काम से छुट्टी लेने के मामलों में 29 प्रतिशत की कमी आई. दिलचस्प बात यह है कि ठंडे पानी से नहाने के दौरान समय में कोई अंतर नहीं पड़ा. हालांकि ठंडे पानी से नहाने वाले लोगों के कम बीमार पड़ने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ रिसर्चर्स का मानना है कि इसकी वजह रोग प्रतिरोधी क्षमता का बढ़ना हो सकता है.
चेक गणराज्य की एक स्टडी में बताया गया कि जब युवा एथलीटों को छह सप्ताह के लिए हर सप्ताह तीन बार ठंडे पानी से नहलाया गया तो इससे उनकी प्रतिरोधी क्षमता में थोड़ा सुधार हुआ. वैसे, इस बात की पुष्टि के लिए अभी और स्टडीज़ की जरुरत है.
ठंडे पानी से नहाने से बढ़ता है नॉरएड्रेनालाइन हार्मोन
जब ठंडे पानी से नहाने जैसी गतिविधियों से तंत्रिका तंत्र सक्रिय होता है, तो नॉरएड्रेनालाइन हार्मोन में वृद्धि होती है. जब लोग ठंडे पानी से नहाते हैं, तो हृदय गति और रक्तचाप में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण यही हार्मोन होता है. ठंडे पानी से नहाने पर ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार के संकेत मिलते हैं. ठंडे पानी के संपर्क में आने से स्किन के ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार होता है. एक्सरसाइज के बाद ठंडे पानी से नहाने को लेकर की गई स्टडी में सामने आया है कि इससे चार हफ्ते बाद मांसपेशियों के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार हुआ.

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स्टडी में पाया गया कि 14 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले ठंडे पानी से नहाने से चयापचय में 350 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है. शारीरिक फायदों के अलावा ठंडे पानी से नहाने से मेंटल हेल्थ को भी फायदा
हो सकता है. हालांकि ठंडे जल से स्नान आरंभ करने से पहले आपको पता होना चाहिए कि इसके कुछ जोखिम भी हैं. दरअसल अचानक पड़ने वाला ठंडा पानी शरीर को एक झटका सा महसूस कराता है और यह दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है. इससे दिल का दौरा भी पड़ सकता है.

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