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नई दिल्‍ली. विश्‍व भर में एक बार फिर कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) ने हलचल पैदा कर दी है. डेल्‍टा जैसे खतरनाक वेरिएंट से भी करीब 70 गुना ज्‍यादा संक्रामक इस वेरिएंट के भारत में भी 100 से ज्‍यादा मरीज मिल चुके हैं. वहीं रोजाना आने वाले कोरोना के मामलों की संख्‍या भी 7 हजार से ऊपर बनी हुई है. ऐसे में कोरोना (Corona) से बचाव के लिए केंद्र और राज्‍य सरकारों के अलावा वैज्ञानिक और स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ भी सलाह दे रहे हैं. कोरोना की पहली लहर के दौरान लोगों को सचेत करने के साथ ही आयुर्वेदिक उपायों से उपचार बताने वाले आयुष मंत्रालय ने एक बार फिर कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर नई सिफारिशें लागू की हैं. जिनमें यह भी बताया है कि कोरोना शरीर के किन अंगों की वजह से सबसे ज्‍यादा फैलता है.

हाल ही में आयुष मंत्रालय की ओर से जारी की गई नई सिफारिशों में बताया गया है कि कोरोना शरीर के दो प्रमुख अंगों से प्रवेश करता है. ये दोनों अंग हैं नाक और मुंह. नेजल और ओरल रूट्स के माध्‍यम से सार्स कोव-टू (SARS-Cov 2) वायरस अंदर सेल्‍स तक पहुंचता है और फिर नुकसान पहुंचाता है. यही वजह है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्‍क (Mask) को सबसे ज्‍यादा कारगर बताया गया है. मास्‍क पहनने से नाक और मुंह (Nose and Mouth) दोनों कवर रहते हैं, इससे खतरनाक वायरस अंदर प्रवेश नहीं कर पाता.

आयुष की ओर से नाक और मुंह से वायरस को प्रवेश न देने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. जिनमें मास्‍क के अलावा ये पांच उपाय प्रमुख हैं और लोग इन्‍हें आसानी से घर पर भी कर सकते हैं. आयुष का कहना है कि अगर बीमारी को प्रवेश के रास्‍तों पर पहरा लगा दिया जाए, तो भी बीमारी से बचाव संभव है. ऐसे में आयुष के ये उपाय वायरस के लिए रास्‍ते बंद करने का काम करते हैं. इन उपायों को कई अध्‍ययनों में भी कारगर पाया गया है.

नास्‍य यानि कि नेजल प्रबंधन (Nasal Management) 
आयुष के अनुसार अगर नाक के दोनों छिद्रों में दो बूंद तेल डाला जाए तो यह वायरस को रोकने का काम करता है. इसके लिए तिल का तेल, नारियल का तेल, अणु तेल या गाय का घी में से किसी एक का इस्‍तेमाल किया जा सकता है. रोजाना सुबह और शाम दोनों छिद्रों में तेल डालना होगा. अगर यह तेल नाक से होते हुए गले में पहुंचे तो उसे अंदर लेने के बजाय तुरंत थूक दें.

भाप लेना (Steam) 
दिन में एक बार कम से कम भाप लेना काफी फायदेमंद है और यह वायरस का रास्‍ता रोकने में कारगर है. इसके लिए पुदीना, तुलसी, निरगुंडी या अजमोड़ा के बीज पानी में डालकर उबालना होगा और इससे फिर भाप ले सकते हैं.

जल नेति या नेजल वॉश (Jala neti)
जल नेति थोड़ी जटिल प्रक्रिया है हालांकि इसे किया जा सकता है. इसके लिए नेति पॉट में गुनगुना पानी लेकर, उसमें सेंधा नमक डालकर, उसे नाक के एक छिद्र से डाला जाता है और दूसरे छिद्र से निकाला जाता है. ऐसा दो से तीन बार करना है.

तेल का कुल्‍ला (Oil Pulling Therapy)
दो बड़ी चम्‍मच नारियल का या तिल का तेल लेकर उसे गुनगुना करके मुंह में भरना है. इसके बाद इसे दो तीन बार मुंह में घुमाकर बाहर निकाल देना होता है. इससे भी वायरस के खिलाफ कवच तैयार होता है.

माउथ वॉश या गार्गल करना (Mouth Wash or Gargle)
एक बड़ा चम्‍मच अजवाइन लें और इसे 500 ग्राम पानी में डालकर उबाल लें. जब यह आधा बचे तो इसका गरारा करें. या फिर ढाई सौ ग्राम पानी गर्म करके इसमें थोड़ी सी हल्‍दी और नमक डालकर गरारा करें. इससे भी वायरस से बचाव होता है.

Tags: Ayushman Bharat, Ayushman Bharat scheme, Corona in India, Corona Virus, COVID 19



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