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Bio fortified Maize will remove anaemia in the Body : शरीर में प्रोटीन (Protein) की कमी को पूरा करने के लिए अब मांस (Meat), अंडा, दूध सहित महंगे पाउडर पर निर्भर नहीं रहना होगा. क्योंकि इंडियन साइंटिस्टों ने हमारे खेत में ही पैदा होने वाले एक अनाज की खास प्रजाति विकसित की है, जिससे की हमारे शरीर को ज्यादा मात्रा में प्रोटीन मिल सकेगा. जी हां, हम बात कर रहे हैं, मक्का (Maize/Corn) की. ये तो हम जानते ही हैं कि मक्का खाने से हमारी सेहत को कई तरह के फायदे होते हैं. प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन, खनिज (मिनरल्स) और एंटी-ऑक्सिडेंट जैसे कई ऐसे पोषक तत्वों (Nutrients) से भरपूर मक्का कई तरह से हमारी डाइट में शामिल होता है. लेकिन अब भारतीय साइंटिस्टों ने मक्का की एक नई प्रजाति (बायोफोर्टिफाइड मक्का) विकसित की है, जिसमें सामान्य मक्का की तुलना में करीब ढ़ाई गुना यानी 250% ज्यादा विशेष प्रकार के प्रोटीन पाए जाते हैं. दैनिक जागरण अखबार में छपी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)के साइंटिस्टों ने इस खास प्रजाति की मक्का को  ‘मालवीय स्वर्ण मक्का-वन’नाम दिया है. आपको बता दें कि मालवीय जी बीएचयू के संस्थापक महामना मदन मोहन मालवीय को कहा जाता है.

बीएचयू (BHU) के कृषि विज्ञान संस्थान (Institute of Agricultural Sciences) का यह मक्का आमजन के लिए प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत साबित होगा. बायोफोर्टिफाइड (Biofortified) मक्का की यह खास प्रजाति प्रो पीके सिंह (Prof. PK Singh) और मक्का प्रजनन/आनुवंशिकी (Maize Breeding/Genetics) के प्रोफेसर जेपी शाही (Prof. JP Shahi) ने मिलकर तैयार की है. बता दें कि बायोफोर्टिफाइड का मतलब पौध प्रजनन के जरिये फसलों में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाना होता है.

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क्या कहते हैं जानकार
प्रो. जेपी शाही (Prof. JP Shahi के मुताबिक इस मक्के में मौजूद अमीनो एसिड लायसिन (Amino Acids Lysine) और टिप्टोफेन (Tiptophan) के कारण इसका सेवन करने वालों को खून की कमी दूर करने के लिए अलग से आयरन की टैबलेट की जरूरत नहीं होगी. ये शरीर में कैल्शियम और खून बनने की प्रक्रिया को भी तेज करती है.

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लायसिन और टिप्टोफेन के फायदे
लायसिन (lysine) एथलीटों के प्रदर्शन को बेहतर करने के साथ डायबिटीज में बेहद उपयोगी है. यह प्रोटीन प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) बेहतर करने के साथ में आंतों द्वारा कैल्शियम को अवशोषित करने की दर भी बढ़ा देता है. वहीं, टिप्टोफेन शिशुओं के सामान्य विकास के साथ ही प्रोटीन एवं एंजाइम के उत्पादन और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है.

Tags: Food, Health, Health News



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