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Diwali 2021: दिवाली या दीपावली हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है. यह 4 दिवसीय पर्व है, जो धनतेरस से भाई दूज 4 दिनों तक चलता है. दिवाली अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता पर्व है. हर साल कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दीपावली पर मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) और श्रीगणेश (Lord Ganesha) की पूजा करने का विधान है. इस बार दिवाली का पर्व 4 नबंवर यानी कल है. पुराणों के अनुसार, दीपावली के दिन ही श्रीराम (Lord Rama) अयोध्या लौटे थे. भगवान राम के आने की खुशी में अयोध्यावासियों ने उनका दीप जलाकर स्वागत किया था. सुख-समृद्धि की कामना के लिए दिवाली से बढ़कर कोई त्योहार नहीं होता इसलिए इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है. दीपदान, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भैया दूज जैसे त्योहार दिवाली के साथ-साथ ही मनाए जाते हैं.

घर में धन-संपदा और सुख-शांति लाने के लिए दिवाली के दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी की पूजा का फल तब ही मिलता है जब पूजा पाठ नियम से किया जाए. मान्यता है कि मां लक्ष्मी की पूजा में कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल करने से धन की देवी नाराज हो जाती हैं. इसलिए दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करते समय इन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखें.

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तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं
पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी सबसे अधिक प्रिय है लेकिन देवी लक्ष्मी को तुलसी से बैर है क्योंकि यह भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप शालिग्राम की पत्नी हैं. इस नाते तुलसी देवी लक्ष्मी की सौत हुईं. इसलिए देवी लक्ष्मी की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए.

पूजा के वक्त दीया दाहिने तरफ रखें
देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए दीया की बाती का रंग लाल होना चाहिए और दिये को दाहिने तरफ रखें. इसका कारण यह है कि भगवान विष्णु अग्नि और प्रकाश स्वरूप हैं. भगवान विष्णु का स्वरूप होने के कारण दीप को दाहिने तरफ रखना चाहिए.

सफेद फूल न चढ़ाएं
दिवाली पर पूजा करते समय मां लक्ष्मी को सफेद फूल नहीं चढ़ाना चाहिए. देवी लक्ष्मी चीर सुहागन हैं इसलिए उनकी हमेशा लाल फूल जैसे लाल गुलाब या लाल कमल से ही पूजा करनी चाहिए. आप गेंदे के फूलों का इस्तेमाल कर सकती हैं. भगवान विष्णु को पीला या केसरिया रंग बहुत पसंद है. ऐसे में पीले गेंदे के फूल मां लक्ष्मी को भी पसंद आते हैं.

भगवान विष्णु की पूजा करना न भूलें
देवी लक्ष्मी की पूजा तब तक सफल नहीं मानी जाती जब तक भगवान विष्णु की पूजा उनके साथ न हो. इसलिए दिवाली की शाम गणेश जी की पूजा के बाद देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा एकसाथ करें. पूजा समाप्त होने के बाद घर-घर जाकर मिठाई बांटें.

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दक्षिण दिशा में रखें प्रसाद
दिवाली पर देवी लक्ष्मी की पूजा के समय प्रसाद दक्षिण दिशा में रखना चाहिए और फूल बेलपत्र हमेशा सामने रखने चाहिए. पूजा समाप्ति के बाद ही प्रसाद का वितरण करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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