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Newborn Care Week 2021: नवजात की समुचित देखभाल उसके बचपन और भविष्य को खुशहाल बनाने के लिए बहुत ही जरूरी होती है. शिशु मृत्यु दर को भी कम करने में इसकी बड़ी भूमिका है. इसी को ध्यान में रखते हुए देश में 15 से 21 नवम्बर तक ‘नवजात शिशु देखभाल सप्ताह’ मनाया जाता है, जिसकी शुरूआत आज यानी सोमवार से हो चुकी है. इस वीक में नवजात शिशु की देखभाल के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है. शिशु के पहले 28 दिन उसके अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. यह बच्चे के विकास की नींव रखते हैं. 

हम देखते आए हैं कि छोटे बच्चों को शुरुआत में शहद चटाने (Honey) की बात की जाती है. इस मौके पर हम जानेंगे कि आखिर बच्चों को शहद क्यों चटाया जाता है और इससे क्या फायदे मिलते हैं. छोटे बच्चों में कई तरह की समस्याओं को शहद से दूर किया जा सकता है, क्योंकि शहद में प्राकृतिक मिठास के साथ ही कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिससे न सिर्फ छोटे बच्चों के शरीर को ऊर्जा मिलती है, बल्कि इम्युनिटी भी मजबूत होती है. यही कारण है कि अधिकांश घरों में सबसे पहले बच्चे को शहद चटाया जाता है.

क्या कहते हैं आयुर्वेद एक्सपर्ट
देश के मशहूर आयुर्वेद डॉक्टर अबरार मुल्तानी के अनुसार, बच्चों को बचपन से ही शहद खिलाने से उनकी  इम्युनिटी मजबूत (Immunity Booster) होती है. शहद में पाए जाने वाले दमदार एंटी-ऑक्सीडेंट (Antioxidant) बच्चे की सेहत के लिए काफी लाभकारी माने जाते हैं. हालांकि जब आप बच्चे को शहद खिलाते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. 

​बच्चों को शहद कब खिलाना चाहिए?
डॉक्टर अबरार मुल्तानी बताते हैं कि आमतौर पर 1 साल या इससे अधिक उम्र के बच्चों को शहद चटाना चाहिए, क्योंकि एक साल के बाद बच्चों को शहद देने से किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या नहीं होती है और बच्चों को आहार का स्वाद भी समझ में आने लगता है.

कितनी मात्रा में खिलाना चाहिए शहद
डॉक्टर अबरार मुल्तानी बताते हैं कि शुरुआत में आप बच्चे को दिन में 2 छोटी चम्मच से ज्यादा शहद न खिलाएं. अगर आप बच्चे को सही मात्रा में शहद खिलाते हैं इससे बच्चे के सही विकास में मदद मिलती है.

इन चीजों के साख दे सकते हैं शहद

  1. ओटमील में मिलाकर
  2. जैम की जगह ब्रेड पर लगाकर
  3. दही में मिलाकर
  4. स्मूदी में मिलाकर

बच्चों को शहद चटाने के फायदे (Benefits of honey for children’s health)

  • शहद का सेवन करने से बच्चे को पर्याप्त ऊर्जा मिलती रहती है, इससे वह तंदुरुस्त रहता है.
  • शहद में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो बच्चों के शरीर में सूजन की समस्या को कम करता है.
  • बच्चे को शहद खिलाने से पेट संबंधी समस्याएं और एसिडिटी दूर हो जाती है.
  • शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है, जो इम्युनिटी को बढ़ाने के साथ ही लिवर को भी सुरक्षा प्रदान करता है.
  • बच्चे को शहद चटाने से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है.

ध्यान रखें ये जरूरी बातें

  1. बच्चों को हमेशा शुद्ध शहद दें
  2. एलर्जी होने पर बच्चे को शहद न दें.
  3. शहद में चीटियां लग गयी हों तो बच्चे को न दें.

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यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.​



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