[ad_1]

Sehat Ki Baat में आज फोर्टिस हॉस्पिटल की न्यूट्रिशनिस्ट सीमा सिंह बता रही हैं कि घी खाने के क्‍या फायदे और क्‍या नुकसान को सकते हैं. इसके अलावा, बात इस पर भी कि घी फैटी एसेंसियल एसेस्‍ट वाले फूड ग्रुप आपकी त्‍वचा को सुंदर रखने और मस्तिष्‍क को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में कैसे मदद करता है. 


Sehat Ki Baat: नमस्‍कार, मैं अनूप कुमार मिश्र, न्‍यूज 18 हिंदी के हेल्‍थ पॉडकास्‍ट में एक बार फिर हाजिर हूं आपकी सेहत से जुड़े नए सवाल के साथ. आज बात करते हैं घी की और उन लोगों की जो डाइटिंग पर हैं और घी खाने से परहेज कर रहे हैं. तो आज का सवाल उन्‍हीं से कि क्या डाइटिंग के दौरान घी खाना नासमझी तो नहीं. दरअसल यह सवाल इसलिए, क्योंकि आजकल शायद ही कोई घर ऐसा बचा हो, जहां घी को लेकर दिमागी कसरत ना चल रही हो.

घी को लेकर लोगों की अपनी अलग अलग धारणाएं हैं कुछ लोग घी को आयुर्वेद में वरदान मानते हैं तो कुछ लोग अपने खाने की थाली में घी पसंद नहीं करते है. घी को आयुर्वेद का वरदान मानने वाले लोगों का कहना है कि चुस्‍त, दुरुस्‍त और सेहतमंद रहने के लिए घी का सेवन जरूरी है. वहीं, घी को पसंद ना करने वाले लोग कहते हैं कि घी खाने से न केवल मोटापा बढ़ेगा, बल्कि दिल सहित कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

अब कौन सही है और कौन गलत, हमें घी खाना चाहिए या नहीं, इन सवालों का जवाब में वसंतकुंज फोर्टिस हॉस्पिटल में न्यूट्रिशन विभाग की हेड सीमा सिंह का क्‍या कहना है…

घी कैन बी पार्ट ऑफ डेली लाइफ. टोटल फैट डिपेंड करता है कि हम पूरे दिन में कितना फैट ले रहे हैं. तो उसका कुछ हिस्‍सा हम घी के तौर पर लिक्विड फार्म में घी ले सकते हैं. उस घी से हम दाल में छौंक लगा लें. अब रोटी पर किसे लगाना है या किसे नहीं लगाना है, वह अगेन पर्सनल कंसल्टेशन है. घी खा सकते हैं, डाइटीशियन की सलाह पर घी खा सकते हैं. दैट बिल बी पार्ट ऑफ डेली फैट इंटेक.”

चलिए यहां यह बात तो साफ हुई कि हम घी खा सकते हैं, लेकिन यहां नया सवाल आ गया है कि कितना खा सकते हैं, तो यह तह होगा आपके बीएमआई के आधार पर और बीएमआई की गठित को आसान करने में डाइटीशियन आपकी मदद करेंगे. चलिए अब बात करते हैं डाइटिंग के दौरान घी खाना समझदारी है या नादानी?

हम सवाल की तरफ बढ़ें, उससे पहले जरा खुद से सवाल पूछिए … आप डायटिंग क्‍यों करते हैं? यदि आपका जवाब सुंदर दिखने के लिए या फिट रहने के लिए है तो आपके लिए घी खाने में ही समझदारी है…

पूछिए क्‍यों ?

दरअसल, घी फैटी एसेंसियल एसेस्‍ट वाले फूड ग्रुप में आता है और फैटी एसेंसियल एसेस्‍ट वाले फूड को लेकर डॉक्‍टर्स का क्‍या कहना है सुनिए न्यूट्रिशनिस्ट सीमा सिंह से …

फैट तो जरूरी है, हर किसी के लिए जरूरी है, हार्ट पेशेंट है तो उसके लिए भी जरूरी है.

अब सवाल यह है कि हमारे लिए फैट एसेंसियल एसेस्‍ट वाले फूड, जिसमें घी भी शामिल है खाना क्‍यों जरूरी है तो आगे सुनिए, फैट एसेंसियल असेस्‍ट वाले फूड को लेकर न्यूट्रिशनिस्ट सीमा सिंह का क्‍या कहना है …

अगर हम जीरो फैट डाइट लेते हैं तो, ऑफवेसली बॉडी का थर्मोस्‍ट्रेट थोडा सा बिगड़ता है. तो यह सारी चीजें जरूरी हैं, फैट खाना भी जरूरी है. दरअसल, बॉडी में जरूरत के अनुसार फैट नहीं बना पाती है. फैट बॉडी का एसेंसियल एसेस्‍ट है. अगर हम उसको बाहर से फीट नहीं करेंगे तो हमारी बाडी की बाकी फंशन अफेक्‍ट होंगे.

अब बात करते हैं, जिस सुंदरता के लिए आपने घी खाना छोड़ा था, उसके नतीजे क्‍या होंगे?

सबसे पहले घी न खाने से पहले आपकी स्किन खराब होना शुरू हो जाएगी. क्‍योंकि स्किन टेस्‍चर फैट से मेंटन होता है, घी से त्‍वचा को पोषण मिलना बंद हो जाएगा, नतीजतन आपकी स्किन ड्राई और कुरूप होती चली जाएगी. घी या फैटी एसेंसियल एसेस्‍ट वाले फूड न खाने से आपकी ब्रेन फंगशनिंग और रिप्रडिक्टिव सिस्‍टम बुरी तरह से प्रभावित होती है.

घी या फैटी एसेंसियल एसेस्‍ट वाले फूड को लेकर न्यूट्रिशनिस्ट सीमा सिंह का कहना है कि फैट का काफी रोल होता है. जो हम लोगों ने केवल फैट को बुरा बना दिया है, लेकिन फैट बुरा नहीं होता है, फैट हमारे लिए काफी सपोर्टिव होता है. हमें यह सीखना है कि हम अच्‍छा फैट कैसे खाएं. हम फीड स्‍वाइल ले सकते हैं, थोड़ा बटर थोड़ा घी सब कुछ ले सकते हैं, क्‍वांटिटी कम रखें. जीरो न करें.

अब फैटी एसेंसियल एसेस्‍ट वाले फूड प्रोडक्‍ट न खाने के क्‍या नुकसान होता है इस पर बात करते हैं … अब मैं इसके बारे में कुछ नहीं कहूंगा आप न्यूट्रिशनिस्ट सीमा सिंह से ही सुन लीज‍िए …

बॉडी के लिपिड लेबल डिस्‍अर्ब हो जाते हैं; फैटी लिवर देखा जाता है, इन डाइजेशन देखा जाता है. यदि डाइबिटिक इंटरमिडेट फास्टिंग कर लेगा, या अल्‍सर पेशेंट डाइटिंग कर लेगा तो डाइबिटीज पेशेंट बेहोश हो जाएगा और अल्‍सर पेशेंट की पेंटोशिड बढ़ जाएंगी. एसिडिटी बहुत होगी.‘ 

अंत में हम यही कहेंगे कि अति तो किसी भी चीज की बुरी होती है, लेकिन आप डाइ‍टीशियन की सलाह पर घी खाते हैं तो यकीन मानिए वह नुकसानदायक नहीं, बल्कि फायदेमंद ही होगा.

घी आपकी त्‍वचा, दिमाग और सेहत के लिए बहुत जरूरी है, आप डाइटिंग पर भी है, तब भी घी खाइए, पर डाइटीनिशयन की सलाह पर सीमित मात्रा में.

न्‍यूज 18 के हेल्‍थ पॉडकास्‍ट में आज सिर्फ इतना ही, आपकी सेहत से जुड़ी नई जानकारी के साथ जल्‍द हाजिर होऊंगा, तब तक के लिए नस्‍कार.

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.